
नंद कुमार राम की रिपोर्ट
जशपुर:- फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंचायत केरसई में आज *धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम शिविर* का आयोजन हुआ, जिसमें तीन पंचायत — *केरसई, लठबोरा और उपरकछार* — के ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री *श्री विष्णुदेव साय* के नेतृत्व में चल रही *“जनजातीय उत्कर्ष”* जैसी योजनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना चाहती है। मुख्यमंत्री साय की मंशा है कि आदिवासी अंचल के लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले — और यह शिविर उसी संकल्प का धरातलीय उदाहरण रहा।
शिविर में *विभिन्न विभागों के अधिकारियों* ने उपस्थित होकर न केवल जानकारी दी, बल्कि *लोगों से आवेदन प्राप्त कर मौके पर समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की।*
इस अवसर पर प्रमुख रूप से *जनपद पंचायत सदस्य एवं भाजयुमो जिला महामंत्री श्री गोपाल कश्यप*, *ग्राम पंचायत केरसई सरपंच श्रीमती संगीता तिग्गा*, *उपसरपंच शिवकुमार गुप्ता*, *लठबोरा सरपंच*, *भाजपा मंडल उपाध्यक्ष श्री सीताराम प्रसाद गुप्ता*, *जनपद सीईओ श्री मिथिलेश कुमार पैंकरा*, *एसडीएम फरसाबहार*, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
*गोपाल कश्यप ने ग्रामीणों को किया संबोधित, कहा:*
*“यह शिविर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की संवेदनशील नेतृत्व शैली का परिणाम है। जो सरकार जनता के बीच आकर उनकी समस्याएं सुनती है, वही सच्चे मायनों में जनकल्याणकारी सरकार होती है। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन योजनाओं को सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि उनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें। मैं बतौर जनप्रतिनिधि आश्वस्त करता हूं कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना पहुंचेगी — यह मेरा संकल्प है।”*
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, राशन, पेंशन, मकान, कृषि, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति सहित अनेक विषयों पर आवेदन दिए, जिनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
यह शिविर एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ *सुनवाई, समाधान और सम्मान* की ओर अग्रसर है।






