
अंबिकापुर में कैदी को जेल छोड़ने पहुंचे थे दोनों पुलिसकर्मी, वायरल वीडियो के बाद विभाग ने की कार्रवाई
अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक शराब के नशे में बेसुध हालत में मिले। हैरानी की बात यह रही कि उनके पास सरकारी सर्विस राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी मिली। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
कैदी को सेंट्रल जेल छोड़ने की मिली थी जिम्मेदारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले से एक बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के लिए 17 अक्टूबर को एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान दोनों के शराब के नशे में बेसुध हालत में मिलने का मामला सामने आया।
बताया गया कि सोमवार सुबह अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास दोनों पुलिसकर्मी एक ठेले के नजदीक पड़े मिले। मौके पर एएसआई की सर्विस INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी थी। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
लावारिस हालत में मिली सरकारी राइफल, सुरक्षा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद बस स्टैंड चौकी की टीम मौके पर पहुंची और राइफल को अपने कब्जे में लिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के इस तरह बेसुध मिलने और सरकारी हथियार के असुरक्षित हालत में पाए जाने से पुलिस अनुशासन तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया संज्ञान, दोनों निलंबित
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दुर्ग एसपी ने एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर ड्यूटी के दौरान जिम्मेदारी, अनुशासन और सरकारी हथियारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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