
सक्ती/बरेकेल। गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद महानदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। सक्ती जिले के ग्राम बरेकेल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली महानदी में तेज जलप्रवाह के चलते नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की नजर
महानदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया जा रहा है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की आशंका है, वहां ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को नदी-नालों के किनारे नहीं जाने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की हिदायत दी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
हसौद–सरसीवां मार्ग पर आवागमन बंद
महानदी में तेज बहाव का असर सड़क यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। हसौद से सरसीवां जाने वाला मार्ग, जो परसदा के पास नदी को पार करता है, जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी तरह बाधित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस बल तैनात, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन भी लगातार निगरानी बनाए हुए है। नदी किनारे और प्रभावित मार्गों पर पुलिस जवानों की तैनाती कर लोगों को सुरक्षित रहने की समझाइश दी जा रही है।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, नदी-नालों के समीप जाने से बचें तथा बाढ़ के पानी में प्रवेश करने या जोखिम भरे रास्तों से गुजरने का प्रयास न करें।
महानदी में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।






