
कलेक्ट्रेट में स्व-सहायता समूहों के स्टॉल, कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ ने खरीदारी कर बढ़ाया महिलाओं का उत्साह
सारंगढ़-बिलाईगढ़। दीपावली के त्योहार पर बिहान की दीदियों के हुनर और मेहनत से तैयार उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए महिला स्व-सहायता समूहों के स्टॉलों पर पहले ही दिन 40 हजार 840 रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। मिट्टी के दीपक, मिठाइयां, पूजा सामग्री, सजावटी सामान, रुई की बातियां और बांस से बनी घरेलू वस्तुओं के जरिए महिलाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ ने की खरीदारी
महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में स्टॉल लगाए गए। इस दौरान कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने स्टॉलों का अवलोकन किया और उत्पादों की खरीदारी कर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने महिलाओं से उनके उत्पादों और आजीविका संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और आम नागरिकों से अपील की कि दीपावली सहित अन्य अवसरों पर बिहान की दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों को प्राथमिकता दें, ताकि महिला समूहों को बेहतर बाजार मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो।
दीपक से मिठाइयों तक, स्टॉलों पर दिखे आकर्षक उत्पाद
रोशनी संकुल संगठन की महिलाओं ने मिट्टी के दीपक, पेड़ा, शुद्ध देशी गाय के घी से बने उत्पाद, झालर और पर्दे बिक्री के लिए रखे। वहीं, साथी आजीविका केंद्र के स्टॉल पर अचार, पूजा थाली, गिफ्ट टोकरी, दीपक, झालर, साबुन और हाथ से तैयार रुई की बातियां उपलब्ध रहीं।
पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने मिठाई, दीपक और बातियों की खरीदारी की। जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी महिला समूहों के उत्पाद खरीदे।
बांस से बनी पारंपरिक वस्तुओं ने भी खींचा ध्यान
भाटाकोना के तुलसी समूह ने बांस से तैयार झाड़ू, टोकरी, सूपा और पर्री सहित घरेलू उपयोग की पारंपरिक वस्तुओं का स्टॉल लगाया। इन हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से महिलाओं ने स्थानीय कला और पारंपरिक हुनर को बाजार तक पहुंचाने की पहल की।
कलेक्ट्रेट में प्रतिदिन स्टॉल लगाने का प्रयास
दीपावली के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में मिले इस मंच से महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिला। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रतिदिन स्टॉल लगाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बिहान की दीदियों को नियमित बाजार उपलब्ध कराने और उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सके।
पहले दिन हुई 40,840 रुपये की बिक्री महिला समूहों के लिए उत्साहजनक रही। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से महिलाओं की मेहनत को पहचान मिलने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।






