
बरमकेला:- धनतेरस और दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिसे लोग बहुत ही उत्साह एवं उमंग के साथ मनाते हैं और उतनी उत्साह एवं उमंग से जमकर खरीददारी भी करते हैं।जिसके कारण साल भर से सबको धनतेरस और दीपावली का बेसब्री से इंतजार रहता है।कुछ ऐसा ही इन्जार ब्यवसाइयों को भी रहती है।जहाँ से उनका जीविका चलता है।स्थानीय स्तर पर इन ब्यवसाइयों और खरीददारों या ग्राहकों के साथ एक रिश्ता भी कायम हो जाता है जो सिर्फ ब्यवसायिक नहीं रहता बल्कि आपसी भाई चारा एवं प्रेम का रहता है।जो एक दूसरे के ख़ुशी में अपना ख़ुशी मानते हैं अपनत्व का बोध होता है।किंतु विगत कुछ वर्षों से लोक लुभावने विज्ञापनों का असर पड़ने लगा है और ऑनलाइन खरीदी की ओर ज्यादातर नया पीढ़ी आकृष्ट हो रहा।इससे साल भर से आसरा पाले और आजीवन रिश्ते निभाने वाले हमारे अपने बीच के दुकानदारों को नुकसान होता है।ऐसे में हम सबको लुभावने विज्ञापनों में न पड़कर हमारे आसपास हमारे ही लिए अपनी दुकान लगाकर आसरा पालकर रखे है उससे खरीदारी करेँ।इस बात को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी समय समय पर देशवासियों से अपील करते रहें हैं।स्वदेशी और स्थानीय दुकानदारों से खरीददारी करने की।इस धनतेरस और दीपावली पर चेम्बर ऑफ़ कामर्स के अध्यक्ष रतन शर्मा ने भी सभी से विनम्र अपील किया है कि स्थानीय दुकानों से खरीददारी करें और लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित करें।अपने और अपने परिवार में खुशियों की रौशनी लाये ठीक वैसे ही स्थानीय दुकानदारों के परिवार को भी रोशन करें।ये वही दुकानदार हैं जो सिर्फ आपके भरोसे कायम है।सभी खूब करें खरीददारी और खूब मनायें दिवाली का जश्न।सबके लिए सुफलदायी हो यह धनतेरस एवं दिवाली का त्यौहार।






