
शक्ति:- एक सेवा निवृत्ति ऐसा भी: श्याम मोहन नायक, व्याख्याता, शास. उच्च, माध्य विद्या, किरारी ‘ड जिला- शक्ति (छ ग.) से 31.03.2024 को अपनी अधिवार्षिकी पूर्ण कर सेवा निवृत्त हुए। जिनकी प्रथम नियुक्ति शास. प्राथ. विद्या. मोहदी (सांकरा) वि.ख. बरमकेला जिला. रायगढ़ (म.प्र.) में 20.03.1982 को हुई थी, वहाँ से विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकीय कार्य करते हुए अपनी प्रतिभा की पहचान एक सहज, सरल, कर्तव्यनिष्ठ, समय के पाबन्द एवं अनुशासन प्रियता के लिये पूरे क्षेत्र में जाने पहचाने जाते हैं, चाहे खेल के मैदान हो, सांस्कृतिक कार्यक्रम हो या शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य विभाग की भी प्रशिक्षणों में अपनी एक विशिष्ट पहचान अनुशासन एवं सादगी आज भी शिक्षकों के बीच बनी हुई है।

2005 से 2012 के समयावधि में एसएसए/ राज्य स्तर से जुडे रहे जहाँ अधिस्थापन प्रशिक्षण से लेकर अन्य प्रशिक्षण गतिविधि में अपनी भूमिका निभाए,सच में एक नायक सर के रूप में ख्याति अर्जित किये। इतने वर्षों बाद आज भी जिसको उन्होंने जिन स्कूलों में सेवा की वो समय उन स्कूलों का स्वर्णिम युग कहा जाता है विभाग के कुछ कर्मचारी नायक सर वाला स्कूल कहने में तनिक भी नहीं हिचकिचाते हैं।

इनकी सेवा निवृत्त पर सामान्य से हटकर एक विशेष परंपरा दिखा जो इस क्षेत्र में पहली बार नजर आया, हुआ ये कि प्रथम नियुक्ति ग्राम मोहदी सरिया के लोग 70 से 80 की संख्या में जात्रा पार्टी (एक ओडिसा नृत्य शैली) के साथ वर्तमान स्कूल उन्हें लेने आए और स्कूल से नृत्य के साथ शाला ग्राम भ्रमण करा कर अपने साथ लेकर उनके गृह ग्राम नवापारा (म) में भी पूरे ग्राम भ्रमण करा कर उनके निवास गृह में भव्य स्वागत किया गया।

जहाँ सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, एवं बरमकेला क्षेत्र से आए शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ उनके रिश्तेदार भी शामिल हुए जो एक उत्सब सा महौल लग रहा था और अंत में सभी ने उनके सुदीर्घ जीवन जीने की शुभकामना के साथ बधाई देकर स्नेह भोज (जो मोहदी वालों ने बनाया था) के बाद शाम अपने अपने घर प्रस्थान किये ।।।







