कानूनसरकारसामाजिकसुरक्षास्वास्थ्य

एसईसीएल और ग्रामीणों के बीच मैराथन बैठक में बनी सहमति, बिजली-सड़क-पानी और आवास की मांगों पर प्रबंधन ने दिया लिखित आश्वासन

पांच श्रमिक संगठनों की मौजूदगी में घंटों चली तीखी बहस के बाद सुलझा विवाद, सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होते ही जनसुनवाई के लिए टेंट लगाने की मिली अनुमति

कुड़ेकेला। बिजली, पेयजल, सड़क और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ लामबंद ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच शनिवार को हुई मैराथन बैठक में आखिरकार सहमति बन गई। आगामी मंगलवार को प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध घंटों चली चर्चा और तीखी नोकझोंक के बाद समाप्त हुआ।ग्रामीणों की प्रमुख मांगों पर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा लिखित सहमति पत्र सौंपे जाने के बाद ही ग्रामीण जनसुनवाई के लिए टेंट लगाने पर राजी हुए। इसके साथ ही गांव में जनसुनवाई की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

पांच श्रमिक संगठनों की मौजूदगी में हुई अहम बैठक

प्रभावित गांवों के ग्रामीण लंबे समय से बिजली की नियमित आपूर्ति, पक्की सड़कों का निर्माण, पेयजल व्यवस्था, विस्थापन की स्थिति में उचित आवास तथा पुनर्वास से जुड़ी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।स्थिति को देखते हुए शनिवार को एसईसीएल प्रबंधन, राजस्व विभाग के अधिकारियों, पांच प्रमुख श्रमिक संगठनों तथा प्रभावित ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंटक, एटक, एचएमएस, बीएमएस और सीटू के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।### तीखी बहस के बीच ग्रामीणों ने रखी अपनी मांगेंबैठक की शुरुआत से ही ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी बहस होती रही। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांगों पर लिखित सहमति मिलने तक गांव की जमीन पर जनसुनवाई का टेंट लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।ग्रामीणों ने विशेष रूप से पुनः सर्वे, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विस्थापन एवं पुनर्वास से जुड़े विषयों पर स्पष्ट निर्णय की मांग रखी।

लिखित सहमति पत्र पर पांचों यूनियनों के हस्ताक्षरघंटों चले मंथन और चर्चा के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए लिखित सहमति पत्र सौंपा। सहमति पत्र में पुनः सर्वे, बिजली, सड़क, पेयजल, आवास तथा पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया।इस सहमति पत्र पर पांचों श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद ग्रामीणों ने जनसुनवाई की तैयारियों के लिए टेंट लगाने की अनुमति दे दी।

मंगलवार की जनसुनवाई का रास्ता साफ

लिखित सहमति बनने के बाद ग्रामीणों का विरोध शांत हुआ और गांव में जनसुनवाई के लिए टेंट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया। कई दिनों से जारी गतिरोध समाप्त होने के बाद अब आगामी मंगलवार को प्रस्तावित जनसुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।हालांकि, बैठक में बनी सहमति के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रबंधन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों पर निर्धारित समय में कितना अमल किया जाता है और प्रभावित गांवों की बुनियादी समस्याओं का समाधान किस तरह सुनिश्चित होता है।

आपको यह पोस्ट कैसा लगा ? समीक्षा जरूर दें!

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button