देर से मानसून ने दी दस्तक,किसान खेती पाती में व्यस्त,हल बैल व ट्रैक्टर से काम चल रहा जबरदस्त

सारंगढ़ बिलाईगढ़/सुधीर चौहान:- छत्तीसगढ़ में खेती मानसून की स्थिति पर टिका है। देश की 60 प्रतिशत से अधिक खेती मानसून पर निर्भर है। हमारी दो तिहाई से अधिक आबादी कृषि के माध्यम से अपना जीविका चलाती है। बता दे कि अच्छा मानसून हो तो खेती भी बेहतर होता है,और कमजोर मानसून तो पैदावार भी कम होती है।

शनिवार शाम को पानी गिरने के बाद सुबह किसान हल-बैल व ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंचे और खेती किसानी काम जोर से चालू हो गया है। इसमें किसान लोग अपने खेत धान खुर्रा बुआई के साथ मूंगफली उड़द मूंग राहड़ सहित विभिन्न प्रकार की फसल कर रहे हैं । इस साल किसानो का कहना है कि अच्छी बारिश होगी तो फसल अच्छी होगी, किसान को अच्छी बारिश होने से अच्छी फसल की उम्मीद की जा रही है।

आज आधुनिक यंत्र आने की बावजूद भी छोटे किसान अपने बैल हल से खेती करते इसमें समय तो अधिक लगता है लेकिन छोटे किसान पसंद करते है।

जिले के बरमकेला अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी कार्य में तेजी आ गई है। मौसम का मिजाज बदलने और बारिश होने के साथ ही किसान खरीफ की तैयारी में जुटने के साथ ही खेती कार्य में लग गए हैं। किसान अपने अपने खेती के हिसाब से खेतों में फसल ले रहे हैं जिसमें मूंगफली, उड़द, मूंग, धान, तिल,कोचाई, एवं विभिन्न फसल को लगाना शुरू कर दिया है।






