आस्थासामाजिक

आरण्यक ब्राह्मण समाज द्वारा विप्र शिरोमणि स्व.चैतन्य प्रसाद नायक जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

शोक संतप्त नायक परिवार को बंधाया ढांढ़स तथा ईश्वर से परिवार जनों को दु:सह दुःख सहन करने की कामना

बरमकेला विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम बार निवासी महेशराम, धर्मराज,देवराज एवं विघ्नराज के  पिता स्वर्गीय चैतन्य प्रसाद नायक जी के एकादश कर्म में आरण्यक ब्राह्मण समाज ने शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा को सर्वप्रथम आरण्यक ब्राह्मण समाज के प्रवक्ता कीर्तन सुपकार जी ने संबोधित करते हुए कहा कि स्व. चैतन्य प्रसाद नायक जी ने एक शिक्षक के रूप में अपने परिवार को ही नहीं अनेक लोगों के जीवन को धन्य बनाया है जिन्होंने अपने शिक्षकिय दायित्व बहुत बढ़िया से निभाते हुए बहुत लोगों को ज्ञान का उपदेश दिया तथा अपने जीवन मार्ग में हमेशा सत्य, शांति,दया और क्षमा को प्राथमिकता दिया। अपने जीवन काल में अनेक धर्म शास्त्रों का अध्ययन किया और अपने जीवन में उसे उतारा भी।
श्रद्धांजलि सभा को ब्राह्मण समाज के सभापति जगन्नाथ पाणिग्राही जी ने स्व.चैतन्य प्रसाद नायक जी के दिव्यात्मा को भगवान में विलीन होने की कामना करते हुए कहा कि जीवेत:शरद:शतम स्व.चैतन्य प्रसाद नायक जी 98 वर्ष तक जीवित रहे और उनके सभी अंग अंतिम समय तक कार्य करते रहे, ऐसा विरले लोग होते हैं।
स्व.चैतन्य प्रसाद नायक जी एक प्रखर वक्ता,अच्छे गायक तथा शिक्षक के रूप में एक आदर्श शिक्षक,ब्राह्मण के रुप में एक नैतिक ब्राह्मण। शास्त्रों में ब्राह्मणों के बारे में कहा है कि “रिजु, तपस्वी, संतोषी, क्षमा,शीलो जितेन्द्रिय।दाता, शुरा, दयालुस्च,नवबीर ब्राह्मणे गुणें।। ब्राह्मणों में ये 9 गुण होना चाहिए जो हमारे चैतन्य प्रसाद नायक जी में विद्यमान थे।
आगे उन्होंने कहा कि मुक्ति में भी चार प्रकार की मुक्ति होती है, इसमें सर्वश्रेष्ठ मुक्ति सायुज्य मुक्ति होती है। जिसमें आत्मा भगवान में विलीन हो जाता है। पाणिग्राही जी ने दावे के साथ कहा कि चैतन्य प्रसाद नायक जी को सायुज्य मुक्ति मिली है। क्योंकि जिस दिन उनकी मृत्यु हुई उस दिन एकादशी तिथि था, उनके पेट में अन्न के एक कण नहीं था तथा सुर्य उत्तरायण थे।
श्रद्धांजलि सभा को ब्राह्मण समाज के संरक्षक पंचानन पण्डा, उपाध्यक्ष कैलाश पण्डा, सत्यनारायण पण्डा ग्राम पंचायत बार के सरपंच तेजराम जी ने भी संबोधित किया।

शोक सभा में नायक परिवार के वंशावली का पठन रमेश सुपकार जी ने किया तो वहीं कार्यक्रम का कुशल संचालन राधामोहन पाणिग्राही जी ने किया।
श्रद्धांजलि सभा में नायक परिवार के बंधु बांधव ईष्ट मित्र भारी संख्या में उपस्थित थे।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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