
डेस्क रिपोर्ट तमनार। तमनार ब्लॉक में सात माह पूर्व बड़े पैमाने पर पटवारियों का तबादला किया गया था। शासन-प्रशासन के आदेशानुसार तमनार में पदस्थ पटवारियों को घरघोड़ा भेजा गया और घरघोड़ा के पटवारियों को तमनार ब्लॉक में पदस्थ किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सात महीने गुजर जाने के बाद भी तमनार में पहले से पदस्थ पटवारी अपने सरकारी निवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कब्जा जमाए हुए हैं।
इस वजह से नए पदस्थ पटवारियों को प्रतिदिन घरघोड़ा से तमनार आना पड़ रहा है। दूरी अधिक होने के कारण वे ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंच पाते, जिससे ग्रामीणों को समय पर पटवारी से मिलने और जरूरी कार्य निपटाने में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है, पर पटवारी देर से आते हैं और कई बार तो लौटने तक काम नहीं हो पाता।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुराने पटवारियों के दबदबे और कब्जे के चलते नए पटवारियों को आवासीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे वे न तो ठीक से अपनी जिम्मेदारी निभा पा रहे हैं और न ही ग्रामीणों को समय का लाभ मिल रहा है।
ग्रामीणों की नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि सात माह बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। किसानों और आमजनों के भू-अधिकार, नामांतरण, ऋण पुस्तिका, फसल बीमा और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार से निवेदन
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तमनार ब्लॉक में नए पदस्थ पटवारियों के लिए तत्काल आवास व्यवस्था की जाए और पुराने पटवारियों को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी खाली करने निर्देशित किया जाए। तभी नए पदस्थ अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचकर जनता की सेवा कर पाएंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।






