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छत्तीसगढ़ के माटी म, भारत बसथे रे :- हरिशंकर चौहान डिप्टी कमिश्नर

छत्तीसगढ़ के माटी म, भारत बसथे रे,

मोर तिरंगा गगन म लहराके हँसथे रे।

धान के बाली म, वीरता के मान हे,

छत्तीसगढ़ मोर ,भारत के शान हे।

माटी मोर महतारी आय,मोर माथे के तिलक हे।

महानदी के निर्मल धार म,भारत माता के झलक हे।

धान के कटोरा कहाथे दुनिया,हरियर खेत मुस्काथे।

किसान के पसीना ले दाई,भारत के भाग्य बनाथे।

बस्तर के जंगल गाथा गावय,वीरता के हर बात।

सरगुजा के पहाड़ पुकारय,भारत माता के साथ।

रायगढ़ के धरती म गूंजय,वीर जवान के नाम।

छत्तीसगढ़ के कोरा म पलथे,मोर देश हिंदुस्तान।

सीमा म हमर लाल खड़े हें,छाती तान के वीर।

मोर गांव के माटी ले निकले,भारत के रखवइया धीर।

माई के अँखिया म आँसू होही,फेर माथे म अभिमान।

देश बर हँसके जान ल देथे,भारत के वीर जवान।

केसरिया हिम्मत देथे सफेद सिखाये सच्चाई हरा रंग खुशहाली लावय,

चक्र कहे—चलते जाई।

तिरंगा मोर आन हे दाई,तिरंगा मोर सम्मान।

छत्तीसगढ़िया के दिल हर बोले जय जय मोर हिंदुस्तान!

छत्तीसगढ़ के माटी म, भारत बसथे रे,

मोर तिरंगा गगन म लहराके हँसथे रे।

मोर गांव, मोर खेत, मोर पहचान हे,

मोर छत्तीसगढ़, मोर भारत के शान हे।

हरिशंकर चौहानडिप्टी कमिश्नर पंचायत, बिलासपुर संभाग

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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